मेरा प्यार मेरा संसार स्वरचित पंक्तियाँ डॉ कल्पना सिंह द्वारा #loveinlife
मेरा प्यार मेरा संसार
स्वरचित पंक्तियाँ
डॉ कल्पना सिंह द्वारा
माँ तेरा आंचल मै भूली नहीं
पर सच कहूं कि बहुत याद करती भी नहीं
पापा की दृढ़ता उनका संकल्प कैसे भुलाऊं
पूरा जीवन सब कुछ साथ ही पाएंगे
माँ का स्नेह पिता का संरक्षण है वो
नदी की कोमलता भूमि सा धैर्य है वो
मै जिसकी बात करती हूँ
उससे जी भर झगड़ती हूँ
जितना भाई बहनों से न झगड़ी मै
उससे ज्यादा झगड़ कर, वह प्यार पूरा करती हूँ मैं
कोई दोस्त हो न हो साथ मेरे
कमी लगती नहीं, जब वह होता है पास मेरे
बस यही तो छोटा सा संसार है मेरा
कोई और नहीं, वो प्यार है मेरा
तपती कड़ी धूप में वो छांव अलबेला
जीवन के सफर में हम सफर वो मेरा
रचनाकार डाॅ कल्पना सिंह
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