आगामी दशहरा एवं दिपावली की शुभकामनाओं सहित समर्पित स्वरचित पंक्तियाँ- मेरे संग जय श्री राम कहो
आगामी दशहरा एवं दिपावली की शुभकामनाओं सहित समर्पित स्वरचित पंक्तियाँ- मेरे संग जय श्री राम कहो
जब जब धरती के आंगन में
विध्वंस दिखाई देता है
जब देव, दैत्य के प्रांगण में
कर बद्ध दिखाई देता है
जब अनाचार का नित तांडव
चहुँ ओर दिखाई देता है
जब शील सती का धरती पर
मजबूर दिखाई देता है
जब सीता के अश्रु पर रावण
अट्टहास कर हंसता है
जब अहंकार सिर पर चढ कर
भाई का गौरव हरता है
तब ईश्वर को आ धरती पर
निज शस्त्र उठाना पड़ता है
दश- आनन का खण्ड खण्ड
अस्तित्व मिटाना पड़ता है
तुम धर्म पक्ष के अनुयायी
फिर अनाचार संहार करो
कर बद्ध निवेदन है इतना
मेरे संग जय श्री राम कहो
रचना- डाॅ कल्पना सिंह
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