नर्क से स्वर्ग का रास्ता स्वयं तय करना होगा वास्तविक घटना पर आधारित प्रेरक कहानी डाॅ कल्पना सिंह के साथ
नर्क से स्वर्ग का रास्ता स्वयं तय करना होगा वास्तविक घटना पर आधारित प्रेरक कहानी डाॅ कल्पना सिंह के साथ एक मध्यम वर्गीय परिवार, जिसका स्वयं का व्यवसाय था, यह व्यवसाय तेजी से प्रगति कर रहा था, परिवार में दो बेटे और माता पिता थे. बेटों को बड़े लाड़ से पाला जा रहा था. घर पर दो बेटे थे, किन्तु फिर भी बेटों की लालसा कम नहीं हुई थी, पर तीसरी बार बेटी हुई, जिससे परिवार बहुत दुखी हुआ, दो बेटे उन्हें प्रिय थे किन्तु एक बेटी का बोझ तो जैसे उन्हें सहन ही नहीं हो रहा था. परिवार के सभी लोग गोरे थे, किन्तु यह बेटी जिसका नाम ऋतु था बहुत पतली और सांवली थी, और होती भी क्यों न उस छोटी बच्ची का ध्यान रखने वाला वहाँ कोई भी नहीं था, सभी अपने अपने विषयों में व्यस्त थे. ऋतु की माँ बात बात पर ऋतु को उसके सांवले रंग के लिए भी ताने देती, उसे अपने साथ लेकर कही भी नहीं जाती थी. ऋतु की छोटी छोटी आवश्यकताओं का भी कोई ध्यान नही दिया जाता था. ऋतु बड़ी हो रही थी, स्कूल जाना भी शुरू कर दिया था किन्तु केवल स्कूल जाने और खेलने की अवस्था में उसकी माँ ने उसके कंध...