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तस्वीर स्वरचित पंक्तियाँ डाॅ कल्पना सिंह के द्वारा, #photo, # memory

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                                      तस्वीर स्वरचित पंक्तियाँ डाॅ कल्पना सिंह के द्वारा तकदीर थे कभी जो तस्वीर हो गए यादों के गुलिस्ताँ के वो फूल हो गए उंगली पकड़ के जिनकी नटखट कदम चले जाने कहाँ सितारों के बीच खो गए यह कालचक्र चलकर रुकता नहीं कभी पीछे जो छोड़ आए मिलता नहीं कभी तस्वीर में सिमट जो जीवन चला गया मुड़कर हमारे हाथ फिर लगता नहीं कभी यादों के गली में जब यह आंख नम हुई तस्वीर में सिमटती हर शाम जब हुई यादों के बवंडर थे दिल में छुपे हुए जीवन की मेरे शायद थी शाम तब हुई देखना कभी एक तस्वीर ध्यान से क्या क्या हमें सिखाती यह मौन ज्ञान से यादों के समंदर में डुबकी लगाती है जीवन का रस पिलाती फिर लाड़ प्यार से रचनाकार डाॅ कल्पना सिंह कविता सुनने के लिए क्लिक करें

मेरा जीवन स्वरचित पंक्तियाँ डाॅ कल्पना सिंह के द्वारा #lovelyrelation #lyrics

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                                     मेरा जीवन स्वरचित पंक्तियाँ डाॅ कल्पना सिंह के द्वारा #lovelyrelation #lyrics मेरी जिम्मेदारियों में घुल जाती हूँ पानी में मिली शक्कर बन जाती हूँ हर पल को खुल कर जीती हूँ आसमानों तक उड़ती हूँ मै शक्ति का पर्याय हूँ हर पल सिद्ध करती हूँ मै सपने देखती हूँ उन्हें पूरा करती हूँ हर काम लगन से करती हूँ उसमें आनन्द लेती हूँ इसी को जीना कहती हूँ इसे मै साबित करती हूँ मै खुश रहती हूँ फोन पर बात करती हूँ कुछ अपनी कहती हूँ कुछ तुम्हारी सुनती हूँ मै आज की नारी हूँ हर अध्याय में खुशियाँ लिखती हूँ जिस दिन तुम छुट्टी मे मेरे पास आते हो कुछ पल साथ बिताते हो मै यह दुनिया भूल जाती हूँ हर वो लम्हा भूल जाती हूँ जिसे मैं दुनिया कहती हूँ जब तुमसे दूर रहती हूँ कुछ पलों में जीवन जी लेती हूँ हर दर्द भुला लेती हूँ एक सुंदर अनुभव से जीवन सजा लेती हूँ बस यही जीवन है, इतना ही बचा लेती हूँ यह पल बीतते है और मै फिर आगे बढ़ती हूँ तुम अपने राह पर और मै अपनी जिम्मेदारियों पर चलती हूँ कुछ पल...